यहाँ कुछ देर से लगा रहा हूँ. जैसा अब आपमें से बहुत लोग जानते हैं, यह लेख ’चकमक’ के बच्चों से मुख़ातिब है.
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एक फ़िल्म थी पुरानी. नाम था मि. इंडिया. शायद देखी हो तुमने भी. मुझे बहुत पसंद है वो फ़िल्म. उसके कई मज़ेदार किस्सों में से एक मज़ेदार किस्सा वो है जब अपना हीरो हीरोइन को अपने घर का एक कमरा किराए पर देने की जुगत भिड़ा रहा है. वो अपने घर की खूबियाँ कुछ यूं बताता है. “क्या कमरा है मेमसाहब! कमरा. कमरे के आगे टैरेस. टेरेस के आगे गार्डन. गार्डन के आगे समन्दर.” वाकई अच्छा नज़ारा है, है ना! लेकिन सोचो कि अगर इस टैरेस और गार्डन को हटाकर वहाँ एक ऊँची इमारत खड़ी कर दी जाए तो इस घर में रहने वालों को कैसा लगेगा? सीन कुछ अच्छा नहीं है, है ना.
अच्छा बताओ, अगर तुम्हें पता चले कि इस घर में रहने वाला एक बुड्ढा है और वो भी अकेला, तब? बुरा लगेगा ना उसके लिए सोचकर. यहाँ तक तो ’अप’ एक उदास फ़िल्म है (रोना भी आता है बार-बार) लेकिन इसके बाद वो खड़ूस बुड्ढा जो करता है वो तुममें से किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा. क्या बताऊँ? वो अपने घर के ऊपर ढेर सारे हीलियम से भरे गुब्बारे लगाकर घर सहित उड़ जाता है! बताओ, है ना मज़ेदार बात! अब तुम कहोगे कि ऐसा कैसे हो सकता है? अरे भई आखिर ’अप’ कार्टून फ़िल्म है और कार्टून फ़िल्म में उड़ने के लिए खुला आसमान होता है सामने. सो कुछ भी हो सकता है.
पिक्सार एनिमेशन की बनाई फ़िल्म ’अप’ कहानी है एक खड़ूस से दिखते बुड्ढ़े कार्ल फ़्रेडरिकसन की जिसे बचपन से ही रोमांचकारी यात्राओं पर जाने का बहुत चाव है. उसकी पत्नी और वो हमेशा साथ उस सपनीली दुनिया में जाने का सपना देखते हैं जिसका नाम है ’पैराडाइज़ फ़ॉल्स’ और जो दक्षिण अमेरिका में कहीं है. अफ़सोस कि मि. फ्रेडरिकसन की पत्नी इस सपने के पूरा होने से पहले ही उन्हें छोड़कर चली जाती हैं. अब कार्ल फ्रेडरिकस अकेले हैं और उनके घर के आस-पास बड़ी इमारतें बन रही हैं. सभी उन्हें वृद्धाआश्रम चले जाने की सलाह देते हैं. लेकिन मि. फ्रेडरिकसन अपने घर को छोड़कर नहीं जाना चाहते. और फिर होता यूँ है कि एक दिन मि. फ्रेडरिकसन उड़ जाते हैं अपने घर के साथ आसमान में. अपने सपनों की दुनिया की ओर…
लेकिन एक दिक्कत है. गलती से उनके साथ एक छोटा सा लड़का रसेल भी आ गया है. रसेल भी रोमांचकारी यात्राओं का शौकीन है. अब दोनों उड़ रहे हैं ’पैराडाइज़ फ़ॉल’ की ओर. रास्ते में आंधी-तूफ़ान है, बड़ी बाधाएं हैं. शुरुआत में मि. फ्रेडरिकसन बार-बार रसेल से पीछा छुड़ाने की कोशिश करते हैं. लेकिन धीरे-धीरे उनमें दोस्ती हो जाती है. मुसीबतों को पार करते वे वहाँ पहुँचते हैं और आखिर उन्हें दूर पहाड़ के दूसरे कोने पर ’पैराडाइज़ फॉल’ नज़र आता है. लेकिन उससे पहले अभी बहुत कुछ बाकी है. उन्हें एक रंग-बिरंगी, ख़ूब बड़ी सारी चिड़िया मिलती है रास्ते में. अपना नन्हा उस्ताद रसेल उसका नाम रखता है केविन. उसे चॉकलेट खिलाता है और उसका दोस्त बन जाता है. केविन तलाश में है अपने खोये हुए बच्चों की. रसेल उसकी मदद करना चाहता है.
कहानी अभी और भी है. फिर उन्हें मिलता है एक बोलने वाला कुत्ता, नाम है डग. डग के गले में ऐसा पट्टा है जिससे कुत्ते भी इंसानों की आवाज़ में बोल सकते हैं. उसे ये पट्टा पहनाया है चार्ल्स मंट्स ने. पता चलता है कि चार्ल्स वही खोया हुआ हीरो है जिससे प्रभावित होकर बचपन में मि. फ्रेडरिकसन ने रोमांचकारी यात्राओं के सपने देखे थे. चार्ल्स उन्हें अपने उड़ने वाले गुब्बारेनुमा जहाज़ में दावत के लिए बुलाता है. यहाँ दावत का सारा इंतज़ाम बोलने वाले कुत्तों के हाथों में है.
बातों-बातों में पता चलता है कि चार्ल्स केविन को पकड़ना चाहता है और उसे अपने साथ सबूत के तौर पर वापस ले जाना चाहता है. लेकिन रुको, मि. फ्रेडरिकसन और रसेल ऐसा नहीं होने देंगे. वो केविन को उसके बच्चों तक पहुँचायेंगे. और यहाँ से शुरु होता है आसमान में उठा-पटक का एक रोमांचकारी सफर. जिसमें एक ओर हैं चार्ल्स के बोलने वाले कुत्तों की फ़ौज और दूसरी तरफ़ है मि. फ्रेडरिकसन, रसेल, केविन और डग की चतुर चौकड़ी. ये चतुर चौकड़ी चार्ल्स को ख़ूब नाच नचाती है और आखिर में केविन अपने प्यारे बच्चों तक पहुँच जाती है. मि. फ्रेडरिकसन रसेल के साथ वापस अपनी दुनिया लौट जाते हैं और रसेल के प्यारे दादा और डग के मास्टर बन जाते हैं.
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क्या तुम जानते हो?
– ’अप’ को इस साल का सर्वश्रेष्ठ एनीमेशन फ़िल्म का ऑस्कर पुरस्कार मिला है.
– इसके साथ ही ’अप’ सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म के लिए भी नामांकित हुई थी. यह सम्मान पाने वाली ’अप’ सिर्फ़ दूसरी एनीमेशन फ़िल्म है. इस सूची का पहला नाम थी फ़िल्म ’ब्यूटी एंड द बीस्ट’ जो सन 1991 में सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म ऑस्कर के लिए नामांकित हुई थी.
– फ़िल्म के निर्देशक को घर के ऊपर गुब्बारे लगा घर सहित उड़ जाने वाला मज़ेदार ख़्याल दरअसल असल ज़िन्दगी की परेशानियों से ऊबकर आया था.
– मि. फ्रेडरिकसन का किरदार हॉलीवुड के ही मशहूर अदाकार स्पेंसर ट्रेसी जैसा दिखता है. उनकी फ़िल्म ‘Guess who’s coming to dinner’ मेरी आल टाइम फ़ेवरेट फ़िल्म है.