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“मैं खामोशी की मौत नहीं मरना चाहता!” ~पीयूष मिश्रा.

पीयूष मिश्रा से मेरी मुलाकात भी अनुराग कश्यप की वजह से हुई. पृथ्वी थियेटर पर अनुराग निर्मित पहला नाटक 'स्केलेटन वुमन' था और पीयूष वहीं बाहर दिख गए. मैंने थोड़ा जोश में आकर पूछ लिया कि आपका इंटरव्यू कर सकता हूँ एक हिंदी ब्लॉग के लिए - साहित्य, राजनीति और ...

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June 3, 2009

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आसमां के पार शायद और कोई आसमां होगा

पिछले एक महीने से मैं ख़ामोश हूँ. सिनेमा का पर्दा भी रुका हुआ है. देश की राजनीति भी चुनाव नतीजों के साथ ही तमाम अटकलों के विपरीत और तमाम अप्रत्याशित को धता बताते हुए तयशुदा रास्तों की तरफ़ जा रही है. क्या ये एंटी-क्लाईमैक्स का दौर है? और तो और ...

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June 2, 2009