सल्मडॉग मिलेनियर: बॉलीवुड मसाले का फ़िरंगी तड़का. बोले तो ’जय हो!’
स्ल्मडॉग मिलिनेयर देखते हुए मुझे दो उपन्यास बार-बार याद आते रहे. एक सुकेतु मेहता का गल्पेतर गल्प ’मैक्सिमम सिटी: बाँबे लॉस्ट एंड फ़ाउन्ड’ और दूसरा ग्रेगरी डेविड रॉबर्टस का बेस्टसेलर ’शान्ताराम’. हाल-फ़िलहाल इस बहस में ना पड़ते हुए कि स्लमडॉग क्या भारत की वैसी ही औपनिवेशिक व्याख्या है जैसी अंग्रेज़ ...
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January 19, 2009


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