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विम्बलडन में बजता संगीत

टेनिस का महानतम मैच देखा अभी. और उगते सूरज को सलाम किया. फ़िर उगते सूरज से सुना कि बादशाह अभी भी फेडरर ही है. हारने के बावजूद मुझे उसके वो शॉट्स हमेशा याद रहेंगे जो उसने चैम्पियनशिप पॉइंट बचाने के लिए खेले थे. कुछ अदभुत ही था… मैच में रह रहकर बारिश हो रही थी और इस बाधा के आने पर विजय अमृतराज और एलन विल्किंस कुछ देर तो बोलते थे और फ़िर एक पुराने मैच के साथ हमें छोड़ जाते थे. जॉन मैकेनरो और ब्योन बोर्ग के बीच खेला गया वो फाइनल मैच. 1980. बारिश बार-बार रूकती थी और फ़िर अचानक एक पुराना टाई-ब्रेकर बदलकर लाइव मैच बन जाता था. क्या इतिहास अपने आप को दोहराता है? लेकिन वहाँ तो ब्योन ‘आइस मैन’ बोर्ग जॉन ‘यू कैन नॉट बी सीरियस’ मैकेनरो से जीत गया था. चौथे सेट के एक लम्बे चले टाई ब्रेकर में मैकेनरो ने भी तो पांच मैच पॉइंट बचाए थे. लेकिन वो आखिरी सेट में एक पुराने धुरंधर की सर्विस ब्रेक नहीं कर पाया था. याद आया.. वहाँ उगता सूरज हार गया था. यहाँ कुछ बदला तो है. लेकिन याद रहे, बादशाह बोर्ग की तरह अभी हमेशा के लिए नहीं गया है. कहकर गया है.. मेरा इंतज़ार करना, मैं वापिस आउँगा.

2 Responses to “विम्बलडन में बजता संगीत”

  1. सुजाता says:

    विमबलडन का तो पता नही जी , पर आपका ब्लॉग टेम्पलेट इतना मोहक है कि सब नैतिकता भूल कर चोरी करने को मन हो आया है ।

  2. ड़ायरी से निकल कर दस्तावेज की नई दुनिया में तुम्हारा स्वागत.

    उम्मीद है यहाँ निरंतरता बनी रहेगी.

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